जीविका (Jeevika) के संगठनात्मक और सामाजिक विकास मॉडल के अंतर्गत समाज के समग्र उत्थान के लिए 11 प्रमुख आयामों (Dimensions/Pillars) को चिन्हित किया गया है। इन आयामों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं सामाजिक स्तर पर बुनियादी सशक्तिकरण, स्वावलंबन और सांस्कृतिक-आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करना है।
1. सनातन धर्म (संस्कृति एवं नैतिक मूल्य)
उद्देश्य: भारतीय सांस्कृतिक धरोहर, नैतिक मूल्यों और परंपराओं का संरक्षण व संवर्धन।
प्रमुख पहलू: समाज में नैतिक आचरण, पारस्परिक सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना ताकि सामाजिक एकजुटता बनी रहे।
2. कृषि एवं किसान कल्याण
उद्देश्य: ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ 'कृषि' और किसानों का सशक्तिकरण।
प्रमुख पहलू: जैविक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य, सिंचाई सुविधाओं तथा उत्पादक समूहों (Producer Groups) के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना।
3. शिक्षा
उद्देश्य: साक्षरता दर बढ़ाना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सभी की पहुँच सुनिश्चित करना।
प्रमुख पहलू: प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा में सुधार, बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन, प्रौढ़ शिक्षा और कौशल-आधारित व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना।
4. स्वास्थ्य एवं पोषण
उद्देश्य: ग्रामीण व वंचित परिवारों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार।
प्रमुख पहलू: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य care, कुपोषण उन्मूलन, स्वच्छता, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच और स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों का संचालन।
5. पर्यावरण एवं जल संरक्षण
उद्देश्य: सतत विकास और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण।
प्रमुख पहलू: वृक्षारोपण (जैसे पौधशाला/नर्सरी विकास), जल संचयन, अपशिष्ट प्रबंधन (गोबरधन योजना आदि) और हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना।
6. खेल एवं मातृशक्ति
उद्देश्य: महिलाओं का सशक्तिकरण और युवाओं में शारीरिक-मानसिक विकास।
प्रमुख पहलू: स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से महिलाओं को नेतृत्वकारी भूमिका में लाना, लैंगिक असमानता को समाप्त करना तथा ग्रामीण युवाओं को खेलों से जोड़कर उनकी प्रतिभा को निखारना।
7. स्वावलंबन (रोजगार एवं आजीविका)
उद्देश्य: आर्थिक आत्मनिर्भरता और गरीबी उन्मूलन।
प्रमुख पहलू: सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना, गैर-कृषि आजीविका (लघु उद्योग, हस्तशिल्प), वित्तीय समावेशन (बैंक क्रेडिट लिंकेज) और स्वरोजगार के अवसरों का सृजन।
8. जागरण (सामाजिक चेतना एवं अधिकार)
उद्देश्य: नागरिकों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना।
प्रमुख पहलू: सामाजिक कुरीतियों (जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा, नशामुक्त समाज) के खिलाफ जन-जागरण और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना।
9. कला एवं संस्कृति
उद्देश्य: स्थानीय लोक कलाओं, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विधाओं का संरक्षण एवं विपणन।
प्रमुख पहलू: पारंपरिक कलाकारों और कारीगरों को मंच प्रदान करना, उनके उत्पादों की ब्रांडिंग/मार्केटिंग करना तथा सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखना।
10. विदेश विभाग / अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं संपर्क
उद्देश्य: वैश्विक स्तर पर भारतीय मॉडल और स्थानीय उत्पादों की पहचान बनाना।
प्रमुख पहलू: प्रवासी भारतीय समुदाय से संपर्क स्थापित करना, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्थानीय कला व उत्पादों का निर्यात/प्रचार तथा वैश्विक विकास मॉडलों का आदान-प्रदान।
11. विविध संगठन (सामुदायिक संस्थाएं एवं नेटवर्क)
उद्देश्य: संस्थागत ढाँचे को मजबूत करना और संगठनात्मक समन्वय।
प्रमुख पहलू: ग्राम संगठन (VO), संकुल स्तरीय संघ (CLF), किसान उत्पादक संगठन (FPO) और अन्य नागरिक निकायों को आपस में जोड़कर एक सुदृढ़ प्रशासनिक व सामुदायिक ढाँचा तैयार करना।
ये 11 आयाम व्यक्ति के जीवन शैली, समाज की बुनियादी आवश्यकताओं और आर्थिक विकास को एक साथ जोड़कर "समग्र और सतत विकास" की नींव रखते हैं।